कुछ फुरसत के लम्हे संग गुजरते है
साथ रहना ,फिर दूर जाना ,फिर से साथ आना ,ज़िन्दगी कुछ ऐसे ही चलती है ,साथ रहकर जो हसीन लम्हे हम बुनते है ,उन हसीन लम्हो की छाप दिल में हमेशा रहती है चाहे हमसफ़र पास हो या दूर हो ..................।
कुछ फुरसत के लम्हे संग गुजरते है ,
चलो आनेवाले वक़्त को सवारते है ,
जो लम्हे पीछे छूटे गए ,
उन छूटे हुए लम्हो को पुकारते है ,
कुछ फुरसत के लम्हे संग गुजरते है ,
रात दिन जो सपने हमने संग देखे थे ,
उन सपनो को फिर निहारते है ,
कुछ पल फुरसत के संग गुजरते है।
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